तीसरे दिन की यात्रा 21.07.2008 श्रावण बदी 3 सोमवार
प्रातः 2.00 बजे चाय वालो ने आकर जगा दिया। चाय पीकर सभी यात्री नित्यक्रिया में व्यस्त हो गए। मैंने स्नान किया, आगे के रास्ते के अनुकूल कपड़ा पहन तैयार होकर डायनिंग हाॅल मे आकर बोर्नविटा पिया। उसके पश्चात 2.45 बजे बस में आकर बैठ गया। 3.00 बजे तक सभी यात्री
May 20 2010 08:47 PM



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