झंकृत
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता कवि कुलवंत सिंह का गीत 'झंकृत'. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... झन - झन झंकृत हृदय आज हैवपु में बजते सभी साज हैं ।पी आने का मिला भास हैमिटेगा चिर विछोह त्रास है ।मंद - मंद मादक बयार
Jun 12 2010 10:12 AM



Shuffle








