हर एक बात प कहते हो तुम कि तू क्या है : ग़ालिब "कुंदन लाल सहगल"
ग़ालिब की ये ग़ज़ल कई लोगों ने गाई है. आज कुंदन लाल सहगल का अंदाज़ देखिये .... कि सुनिए ....??हर एक बात प कहते हो तुम कि तू क्या है तुम्हीं कहो कि ये अंदाज़-ए-गुफ्तगू क्या है न शोले में ये करिश्मः न बर्क़ में ये अदा कोई बताओ, कि वह शोख-ए-तुन्द खू क्या है यह
Feb 11 2010 05:23 AM



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