तेरे लबों के बोल, रंगीन हैं, रंगों की तरह! त्रिवेणी की कोशिश!
बरसते हैं यूँही रंगों की तरह,और दिल को गुलज़ार कर जाते हैं,!!!तेरे लबों के बोल, रंगीन हैं, रंगों की तरह.....
Feb 28 2010 03:59 PM



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