बस यूँ ही टेंस हो जाया करती हूँ
आदाब! खुशामदीद! खैरमकदम! आप सभी का ........उत्तर भारत में इस कड़ाके की सर्दी में अगर गर्मजोशी से स्वागत नहीं किया तो क्या किया । ब्लोवेर में हाथ गर्म कर, दोनों हथेलियों को आपस में रगड़ कर और साथ में फूं -फूं कर हाथ इस लायक तो हो चुके है कि keyboard पर
Jan 09 2010 02:08 PM



Shuffle








