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पांच करोड़ महामूर्खों का महाकुंभ
टन टन टन टन....। दिल्ली में आईटीओ के मेरे दफ्तर के आखिरी छोर पर बने एक छोटे से मंदिर में घंटियों की आवाज ने इस बार मुझे चौंका दिया। आमतौर पर मेरी शिफ्ट सुबह होती है और मैं 7 बजे यहां से गुजर रहा होता हूं। लेकिन तब मंदिर में घंटी नहीं बजती, पंडित जी दिखाई
Jan 15 2010 11:57 AM



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