पसंद करें
4
नापसंद करें

गाय का गोश्त और हड्डियां मेरी चौखट पर फैला दीं

नए घर में तीसरी या चौथी सुबह देखा कि चौखट के पास गाय का गोश्त और कुछ हड्डियां फैलाई गईं थीं। यह सिर्फ शरारत नहीं थी। मोहल्ले के कुछ उत्साही लड़कों द्वारा विरोध और गुस्से का प्रदर्शन था कि मैं मकान छोड़कर भाग जाऊं।” गुलशेर खां शानी यानी एक ‘मुस्लिम हि
 
विवेक
पसंद करें
3
नापसंद करें

आप सभी के प्रति आभारी हूँ

आदरणीय दिनेश राय द्विवेदी जी , अजित वडनेरकर जी , सर्वश्री अरविन्द मिश्रा , बालसुब्रमणियम जी , अनुनाद सिंह , अलबेला खत्री जी , स्वप्नदर्शी , महामंत्री तस्लीम , राज भाटिया जी , मुरारी पारीक , महफूज़ भाई , मथुरा कलौनी , सुश्री लवली कुमारी , शोभना चौरे ,
 
शरद कोकास