पसंद करें
9
नापसंद करें

जरा माचिस तो देना!.............................घुघूती बासूती

एक नया गैस सिलिन्डर जब लगाया तो ठीक से बैठ नहीं रहा था। पति व ड्राइवर दोनों ने कोशिश कर ली। फिर गैस एजेन्सी से उनके वर्दीधारी मैकेनिक को बुलाया, उसने जबरदस्ती लगा तो दिया परन्तु मेरे यह पूछने पर कि इतनी लड़ाई लड़कर कोई स्त्री यह कैसे लगाएगी, उसने कहा कि अब
पसंद करें
0
नापसंद करें

इतनी बड़ी उम्र की मैडम से प्रेम ..वह भी मिस वेलेंटाईन

वेलेंटाइन डे का नाम जब पहली बार सुना तब हम गधा पचीसी की उम्र पार कर चुके थे और बाकायदा इष्ट मित्रों और सम्बन्धियों की उपस्थिति में दोपाये से चौपाये बन चुके थे । दाँपत्य जीवन में प्रेम ,भोजन में रोटी की तरह शामिल था और ज़िन्दगी का मज़ा आने लगा था ।
 
शरद कोकास
पसंद करें
0
नापसंद करें

दुश्मनी, सर और सरहद भाग-१

लोग दोस्ती दिल से करते हैं, ये तो आप ने कई बार सुना होगा और साथ ही देखा भी होगा। पर कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो दुश्मनी भी दिल से करते हैं। कुछ की दुश्मनी जुबान से नहीं काम से होती है। और जब वो दुश्मनी निभाने पर आते हैं तो सरहदें भी उनको रोक नहीं पाती
पसंद करें
0
नापसंद करें

"17 साल से शमशान में एक कब्र, इंतजार चिता का"

दुश्मनी, सर और सरहद भाग-2 अब तक कर्ना भील 70 के दशक में रेगिस्तान का सबसे ख़तरनाक लुटेरा सरकार की कोशिशों के चलते उसने सरेंडर कर दिया। बदले में सरकार ने कर्ना को जैसलमेर में ही एक जमीन का टुकड़ा रहने के लिए दिया। लेकिन एक दिन जमीन के झगड़े में इल्यास
पसंद करें
0
नापसंद करें

एक किस्सा (५).. सिर्फ़ चार साल...

चार साल.. चार साल तुम्हे लगता है, कम होते हैं...?" "........................................" "आखिर समझता क्या है यार वो.. मैं बुरी हूँ क्या ? " "क्या हुआ कुछ बताओगी ?" "कुछ नहीं.." उसने रुमाल से आंसू पोंछे और हलकी डबडबायी आँखों से बोला.. " मेरी ही ग
 
पंकज बसलियाल
पसंद करें
0
नापसंद करें

एक किस्सा ...तृतीय भाग..

पहली किश्त दूसरी किश्त आज सोचता हूँ तो अजीब सा लगता है... सिर्फ खूबसूरती अगर किसी बात का पैमाना होती मेरी नजर में, तो जाने कितने मापतोल यूँ ही आदर्शों की लकीरों पे इस तरह न बिखरे होते... और बात सिर्फ लड़कियों की नहीं हैं.. किसी की भी.. मुझे कभी वो पह
 
पंकज बसलियाल
पसंद करें
0
नापसंद करें

शंकर जी ने मारा अग्निबाण और खुद गर्भ में आ गये

Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI /* Style Definitions */ table.MsoNormalTable {mso-style-name:"Table Normal"; mso-tstyle-rowband-size:0; mso-tstyle-colband-size:0; mso-style-noshow:yes; mso-style-priority:99; mso-style-qformat:yes;
 
शरद कोकास
पसंद करें
0
नापसंद करें

झूठ का सच

बाजार से गुजरते हुए कुत्ते की नजर दुकान में टंगे एक चित्र पर पड़ी तो गढ़ी की गढ़ी रह गई. उसके लिए उसकी कुतिया दुनिया की सबसे खूबसूरत मादा थी. सड़क पर चलते समय वह दोपाया मादाओं को रोज ही देखता. उनके पुते हुए चेहरे देख उसे हंसी आने लगती. निश्चय ही उनमें
 
kashyap omprakash
पसंद करें
0
नापसंद करें

दूरदृष्टि

महाभारत-कथा के अंतिम सर्ग तक सुनते-सुनते कुत्ता अचानक चौंक पड़ा, सोचने लगा—आखिर कोई तो बात होगी जो धर्मराज युधिष्ठिर समेत सारे पांडव हिमालय पर एक-एक कर गलते चले गए. स्वर्ग-द्वार पर सशरीर दस्तक देने वाला वाला प्राणी एक कुत्ता था. उसका पूर्वज. धर्म का
 
kashyap omprakash
पसंद करें
2
नापसंद करें

कवियित्री

कुत्ता कवियों और साहित्यकारों से बहुत प्रभावित था. हालांकि कविता उसके लिए दूर की कौड़ी थी. किंतु कवि की तान पर जब वह सैकड़ों व्यक्तियों को एक साथ अपनी गर्दन हिलाते देखता तो समझ जाता कि बहुत ऊंची बात कही गई है. उस दिन एक घर के सामने से गुजरते हुए कुत्
 
kashyap omprakash