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मुर्ख प्राणी किसान तू कब सुधरेगा, दो बूंद पसीने से क्या सारा खेत भरेगा..........(कविता}

विक्षिप्त प्राणी किसान तू कब सुधरेगा,दो बूंद पसीने से क्या सारा खेत भरेगा।कभी वो चीखते हुए बैलों को हांकता,कभी खुद रूककर हल पकड़े हांफता,कभी छाती पर हाथ रख धीरे से खांसता,उदर रोग से बीमार मनुष्य बेमौत मरेगा।विक्षिप्त प्राणी किसान तू कब सुधरेगा,दो बूंद
 
राजेन्द्र मीणा
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कहानी: जो अखबारों में दर्ज नहीं हुई

संजय और संगीता लौट गये हैं पर यह कैसे कहा जाय कि वे घर लौट गये हैं. उनके पिता विक्रम सिंघ सूर्यवंशी ने जब ज़हर खाकर आत्महत्या की थी तो दोनों की उम्र इतनी कम थी कि पिता को पिता कहने का ठीक-ठीक एहसास भी नहीं रहा होगा, महज ३ साल और ५ साल. आज पाँच वर्षों बाद
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पंजाब में किसान नेताओं पर दमनचक्र

प्रधानमंत्री जब इस चुनाव के दौरान पंजाब में चुनावी सभायें कर रहे थे तो लग रहा था कि फिर से पंजाब में हरित क्रांति की तैयारी में हैं और चुनावी व्यस्तता से जैसे ही वे मुक्त होंगे यह क्रांति पल्लवित होती दिखने लगेगी. आज़ादी के बाद किसी सरकार ने किसानों के
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इन्ड्या टैंस ने मेरा नाम रोषण की।

कुच्छ बुडों के ब्लोगिंग के बारे में सोलह दिसंबर (इतवार) की टैंस ओफ इन्ड्या में छापे नामों में मेरा नाम भी शामिल हैं। श्रीमति. मीनाक्षि कुमार् ने कुच्छ लब्जों में मेरे बारे में जो कुच्छ लिखी गई हैं वह केरल की एक मामूली किसान को बहूत ही महत्वपूर्ण हैं।
 
കേരളഫാര്‍മര്‍
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जय जवान जय किसान ...?

जान लेना देश के हर शत्रु की, फिर जान देना है जवानी का यही अंदाज़ अपने देश में । कृषक अपनी जान लेने को विवश हैं, बोलिए--- किसे अपने देश पर है नाज़ अपने देश में ?
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कृषि की कमाई पर कर ??

प्रणव दादा कुछ ही दिनों में बजट पेश करने जा रहे है, क्या किसानो को अभी से सचेत हो जाना चाहिए की उनके गले पर तलवार चलने वाली है, वैसे कुछ लोग खेती की कमाई के नाम पर मोटी रकम बिना टैक्स दिए ही गटक कर जाते है, कुछ तो सरकार को सोचना चाहिए, जिससे बदले में
 
राम त्यागी
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