दुनियाभर के पगलेटों के लिए सरवांतेस का सपना..
कुछ वज़ह होती होगी कि क्यों दुनिया के एक से एक तोपख़ां और उनके युगीन ‘युगांतरकारी’ कारनामे बिला जाते हैं, और कैसे प्रकट रूप से मामूली दिखनेवाली, अवसादी समय में एक पगलेटी सनक का आख्यान, सत्रहवीं सदी के शुरुआत में लिखी गई, अभी भी जीवन्त और मार्मिक अर्थ
May 10 2010 02:34 PM



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