पहले सड़कें, फिर चमचमाती कारें
हम विदेशी ऑटो इंडस्ट्री को यूँ ही अपना माल नहीं कूटने दे सकतेयह लेख हमारे ऊपर जबरन थोपे जा रहे कार्बन उत्सर्जन के कलंक को लेकर है। कारों और सड़कों को लेकर है और कुल मिलाकर हमारी समग्र तरक्की को लेकर है। आशा है आपको यह पसंद आएगा। - सचिन(लेख को पढ़ने के
Jan 05 2010 09:14 PM



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