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नक्सली स्कूल-कोलेज क्यों नहीं बनाते?

नक्सली स्कूल-कोलेज क्यों नहीं बनाते?माफ़ करना इस विषय में  कोई लंबा चौड़ा लेख नहीं परोसा रहा हूँ, बल्कि एक कार्टून पुन: प्रकाशित कर रहा हूँ. अंगरेजी दैनिक डीएनए में मंजुल का यह कार्टून काफी कुछ कह जाता है. ज़रा गौर फरमाइए.
 
जीत भार्गव
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कार्टून:सचमुच पैसे नहीं है

शिक्षा के लिए उ.प्र. के पास पैसे नहीं है. होते तो और भी बहुत से काम निपट नहीं जाते? देखिये मुख्यमंत्री की इस पर सफाई, इसके बाद कोई कारण नहीं है कि आप इस बात को न माने कि पैसे नहीं है.
 
संजय बेंगाणी
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सामूहिक स्नान (व्यंग्य/कार्टून)

<=गर्मी के मौसम में पानी बचाने का इससे माकूल तरीका दूसरा नहीं हो सकता । सामूहिक स्नान से पानी भी बचता है और आपस में प्रेम भी बढ़ता है । Filed under: हिन्दी हास्य व्यंग्य Tagged: कार्टून, गर्मी, पर्यावरण, पानी बचाने, सामूहिक, स्नान, हिन्दी हास्य
 
K M Mishra
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वफादार रसोईया…बचाओ…

वफादारी इसे ही कहते है. मालिक की पसन्द ना पसन्द का पूरा ख्याल करे. कार्टून का विचार हमारा है. मुस्कान की गेरेंटी सहित....
 
संजय बेंगाणी
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खरेखुरे सुपरस्टार्स

कल्पना करा की तुम्ही अतिशय कंटाळलेल्या किंवा वैतागलेल्या अवस्थेत तुमच्या घरात शिरत आहात. हॉलमधे तुम्हाला टीव्ही चालू दिसतो त्यावरून तुम्हाला आरडाओरडा व किंचाळ्य़ा ऐकू येतात. तुम्ही नक्की घरातल्या मंडळींच्यावर चिडून, काय त्रास आहे म्हणून टीव्ही बंद
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हस्तिनापुर में होली (हास्य-व्यंग्य, कार्टून)

– हैप्पी होली अंकल-आंटी और गुरू द्रोण की क्लास खत्म होते ही सभी राजकुमारों के हाथों में उनकी फाउंटेन पेन चमकने लगी । कुछ ही देर मे सभी की सफेद युनीफार्मों पर नीले रंग की चित्रकारी झलकने लगी थी । ”अरे क्या कर रहे हो । कुन्ती माँ डांटेगी । सारी
 
K M Mishra
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कार्टून

मेरा पहला कार्टून चारित्र श्री अटल बिहारी वाजपेयी के चरणों में समर्पित
 
राहुल कौशल
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मनोज शर्मा की कूची से - 7 [सामयिक कार्टून]

आत्मरक्षा में हत्या चाँद पर मूर्तियाँ पंजाबी सूट शुगरफ्री लड्डू
 
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सुरेश शर्मा की कूची से [कार्टून] - 15

ज़मीन नहीं देंगेभविष्य रचनाकार परिचय:- ४७ वर्षीय सुरेश शर्मा स्वतंत्र कार्टूनिस्ट हैं। पिछले २५ वर्षों में इनके १५००० हजार से भी अधिक कार्टून विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। इनमें से कुछ प्रमुख पत्र-पत्रिकाए‍ हैं: दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात
 
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सुरेश शर्मा की कूची से [कार्टून] - 14 {अलविदा वर्ष-09}

शुभकामनायें...गीता ज्ञान--------------नाम: सुरेश शर्मा (कार्टूनिस्ट )आयु: ४७ वर्षपेशा: स्वतंत्र कार्टूनिस्टअन्य जानकारियां कार्य अनुभव २५ वर्षों का ! अबतक १५००० हजार से भी अधिक कार्टून प्रकाशित!कुछ प्रमुख पत्र-पत्रिकाएं जहाँ कार्टून प्रकाशित हुए या हो
 
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मैं और हस्तकला (एस.यू.पी.डब्ल्यू.)(व्यंग्य/कार्टून)

बात उन दिनों की है जब मैं स्कूल में पढ़ा करता था। पढ़ा क्या करता था बस यूं ही जब घर बैठे-बैठे बोर हो जाता था तो स्कूल तक चला जाता था । वैसे स्कूल जाना मेरी मजबूरी भी थी और शौक भी । मजबूरी इसलिये क्योंकि हमारे खनादान में सभी पढ़े-लिखे थे इसलिये मुझे [...
 
K M Mishra
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एक मुकद्दमा 25 पैसे के लिये 29 साल चला ।(व्यंग्य/कार्टून)

इलाहाबाद में एक मुकद्दमा 25 पैसे के लिये 29 साल चला और अन्त में गवाहों के मुकरने के कारण् मुलजिम को कोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया । शुक्र है कि गवाहों को अक्ल आ गई और वे मुकर गये नहीं तो ये मुकद्दमा कम से कम 50 साल तक तो अभी और खिंच सकता [...]
 
K M Mishra
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सरकारी दवा [सप्ताह का कार्टून] - अभिषेक तिवारी

रचनाकार परिचय:- अभिषेक तिवारी "कार्टूनिष्ट" ने चम्बल के एक स्वाभिमानी इलाके भिंड (मध्य प्रदेश्) में जन्म पाया। पिछले २३ सालों से कार्टूनिंग कर रहे हैं। ग्वालियर, इंदौर, लखनऊ के बाद पिछले एक दशक से जयपुर में राजस्थान पत्रिका से जुड़ कर आम आदमी के दुःख
 
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कांगरेस आई और मँहगाई [सप्ताह का कार्टून] - अभिषेक तिवारी

रचनाकार परिचय:- अभिषेक तिवारी "कार्टूनिष्ट" ने चम्बल के एक स्वाभिमानी इलाके भिंड (मध्य प्रदेश्) में जन्म पाया। पिछले २३ सालों से कार्टूनिंग कर रहे हैं। ग्वालियर, इंदौर, लखनऊ के बाद पिछले एक दशक से जयपुर में राजस्थान पत्रिका से जुड़ कर आम आदमी के दुःख
 
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पाकिस्तानी आवाम का कसूर [सप्ताह का कार्टून] - अभिषेक तिवारी

रचनाकार परिचय:- अभिषेक तिवारी "कार्टूनिष्ट" ने चम्बल के एक स्वाभिमानी इलाके भिंड (मध्य प्रदेश्) में जन्म पाया। पिछले २३ सालों से कार्टूनिंग कर रहे हैं। ग्वालियर, इंदौर, लखनऊ के बाद पिछले एक दशक से जयपुर में राजस्थान पत्रिका से जुड़ कर आम आदमी के दुःख
 
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[मनसे की शर्मनाक हरकत पर] सुरेश शर्मा की कूची से [कार्टून] - 12

मन से गुंडागर्दी.. हिन्दी पर थप्पड़..--------------नाम: सुरेश शर्मा (कार्टूनिस्ट )आयु: ४७ वर्षपेशा: स्वतंत्र कार्टूनिस्टअन्य जानकारियां कार्य अनुभव २५ वर्षों का ! अबतक १५००० हजार से भी अधिक कार्टून प्रकाशित!कुछ प्रमुख पत्र-पत्रिकाएं जहाँ कार्टून प्रक
 
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हँसना मना है [सप्ताह का कार्टून] - अभिषेक तिवारी

रचनाकार परिचय:- अभिषेक तिवारी "कार्टूनिष्ट" ने चम्बल के एक स्वाभिमानी इलाके भिंड (मध्य प्रदेश्) में जन्म पाया। पिछले २३ सालों से कार्टूनिंग कर रहे हैं। ग्वालियर, इंदौर, लखनऊ के बाद पिछले एक दशक से जयपुर में राजस्थान पत्रिका से जुड़ कर आम आदमी के दुःख
 
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हँसना मना है [सप्ताह का कार्टून] - अभिषेक तिवारी

रचनाकार परिचय:- अभिषेक तिवारी "कार्टूनिष्ट" ने चम्बल के एक स्वाभिमानी इलाके भिंड (मध्य प्रदेश्) में जन्म पाया। पिछले २३ सालों से कार्टूनिंग कर रहे हैं। ग्वालियर, इंदौर, लखनऊ के बाद पिछले एक दशक से जयपुर में राजस्थान पत्रिका से जुड़ कर आम आदमी के दुःख
 
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