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क्या कीमत लेकर ही आप सच का सामना करेंगे ?

रोजमर्रा की जिंदगी में ये मुहावरा आम हो चला है कि सच बोलना आसान काम नहीं है,इसकी हमें भारी कीमत चुकानी पड़ती है। ये कीमत किस तरह की हो सकती है,ये किसी को पहले से पता नहीं होता। संभव है सच बोलते हुए किसी को अपनी नौकरी से हाथ धोनी पड़ जाए,किसी से आपसी
 
विनीत कुमार