कहानी …कहना ---- सुनाना ( भाग – 3)
मेरे अब तक के पिछले दोनों लेखों से पाठक, अभिभावक, शिक्षक बन्धु यह बात समझ ही चुके ह ोंगे कि क हा नी सुनाने में स्व रों के उतार चढाव की क्या भूमिका है? स्वर,गति और लय का क्या महत्व है? अब मैं आपके सामने कथा वाचन या कहानी कहने का एक तरीका और रख रहा हूं
Dec 29 2009 11:50 AM



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