नई सोच
महेश चंद्र पुनेठा जी की कविताएं इस ब्लाग पर मैं लगातार प्रकाशित करता रहा हूं। इसी कड़ी में आज पेश हैं उनकी ये दो उम्दा कविताएं..... अपनी जमीन पहाड़ इसलिए पहाड़ है क्योंकि जितना फैला है वह आसमान में उससे अधिक धॅसा है कहीं अपनी जमीन में उतरन प्रवाह है
Oct 02 2009 04:39 PM



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