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मत दीजिये मेडल , बधाई तो दे ही दीजिये .......

कल मिथिलेश से बातचीत में जब उसे अपनी उम्र बताई (हालाँकि मैंने कभी कोशिश नहीं कि है अपनी वास्तविक उम्र छिपाने की ...मेरे ऑरकुट और फेसबुक अकाउंट में बाकायदा जन्मतिथि अंकित है ) तब से ही मस्तिष्क लगातार चिंतन मनन कर रहा है ...वास्तव में उम्र तो काफी हो गयी
 
वाणी गीत
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जेल जानेवाले मजनू और हैं...

लैला-मजनू का एक  मज़ेदार किस्सा याद आ रहा है। मजनू गांव में कभी इधर, कभी उधर पागलों की तरह भटकता रहता था। लैला अपनी सेविकाओं के मार्फत हर रोज़ उसके लिए चुपके-चुपके दूध और फल भेजती थी कि जहां मजनू मिले, उसे यह खाना दे दें। सेविकाएं उसे ढूंढक
 
नीरेंद्र नागर
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जेल जानेवाले मजनू और हैं...

लैला-मजनू का एक  मज़ेदार किस्सा याद आ रहा है। मजनू गांव में कभी इधर, कभी उधर पागलों की तरह भटकता रहता था। लैला अपनी सेविकाओं के मार्फत हर रोज़ उसके लिए चुपके-चुपके दूध और फल भेजती थी कि जहां मजनू मिले, उसे यह खाना दे दें। सेविकाएं उसे ढूंढक
 
नीरेंद्र नागर