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सवाल….

सवाल…. जाने कितने सवाल ….. अचानक ही पुरानी यादों में बहते जाते, और एक के बाद एक यादों में खोते जाते… फिर आ खड़े होते वही सवाल…. उसने ऐसा क्यों किया … अब वो कैसा होगा … क्या वो खुश होगा … क्या उसकी ज़िन्दगी में सब
 
Shubhashish Pandey
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एंकरिंग के लिए वाणी में मधुरता और विचारों में संयम जरूरी

जन्म स्थली बंगलुरु से निकलकर भोपाल में शिक्षा-दीक्षा हासिल करने के बाद देश-विदेश में अपनी माटी की महक फैलाने वाली उमा किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। वे अपनी प्रतिभा का लोहा देश-विदेश के तमाम मंचों पर मनवा चुकी हैं। सुरीली आवाज और सारगर्भित शदों में
 
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जॉर्जिओ मोरांडी

जॉर्जिओ मोरांडी (1890 – 1964) महान इतालवी चित्रकार थे। उन्होंने बहुत सीमित रंगों का उपयोग करके असंख्य ‘स्टिल लाइफ़’ चित्र बनाए. उनके चित्रों में एक-सी घरेलू वस्तुओं का फीका संयोजन बहुतायत में दीखता है। उनके बाद के लगभग सभी चित्रकारों पर
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छत्तीसगढ़ी में भी मुमकिन है

ग़ज़ल गायिका शेफाली बर्मन से बातचीतशेफाली बर्मन वह नाम है, जिसकी आवाज सुनकर शायद ही कोई अंदाजा लगा सकेगा कि उन्होंने उम्र का चौथा पड़ाव पार कर लिया है। आयु की इस अवस्था में भी मधुर आवाज की मल्लिका, सुप्रसिद्ध गजल गायिका शेफाली वह शख्सियत हैं, जिनकी
 
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आखिरी पड़ाव

               सिन्दूरी शाम, मन्द गति से चलती हवाएँ और डूबता हुआ सूरज। इन सबसे बेखबर गाड़ियाँ नैनी ब्रिज पर दौड़ रही है और कुछ लोग चहलकदमी कर रहे हैं। कुछ लोग उफान ले रही यमुना नदी को निहार
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…ए बेटी रखती तोहके कुँवार

         भोजपुरी गाने अकसर फूहड़ ही  होते हैं, लेकिन इसे देख मेरी सोच बदल गयी।               कुछ तो ऐसे हैं जो आँसू निकाल देते हैं।
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कला, कलाकार, और रचनात्मकता

कुछ नया नहीं सोच पा रहे? बेहतर विचार नहीं आ रहे? रचनात्मकता से कोसों दूर अनुभव कर रहे हैं? आपके लिए मैं लेकर आया हूँ महान कलाकारों द्वारा कला और रचनात्मकता के सम्बन्ध में कहे गए अप्रतिम कथनों का संकलन. कला क्या है? कला के महान रूप को रचनेवाले कलाकार को
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हिन्दू धर्म दर्शन-पति पत्नी में झगड़ा न करायें

मद्यपापनं कलहं पुगवैरं भार्यापत्योरंतरं ज्ञातिभेदम्। राजद्विष्टं स्त्रीपुंसयोर्विवादं वज्र्यान्याहुवैश्चं पन्थाः प्रदुष्टः।। हिंदी में भावार्थ-नीति विशारद विदुर कहते हैं कि शराब पीना, कलह करना, अपने समूह के साथ शत्रुता, पति पत्नी और परिवार में भेद
 
दीपक भारतदीप
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प्रेम पर परिचर्चा

  आधी रात को बिजली के तारों पर एक कौआ युगल बैठा नज़र आया, दोनों आपस में मुँह फुलाये विपरीत दिशाओं में देख रहे थे। कोई बात रही होगी हमने सुना है कि कौवे घोसले बना कर रहते हैं, लेकिन ये बिचारे पूरी रात बिजली के तारों पर गुजार देते हैं, हो सकता है कि
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चित्रकार ए. रामचन्द्रन की कला: सौन्दर्य में बौद्धिकता की गुहार

चित्र में कथाओं का समावेषकृएक वर्णनात्मक अभिव्यक्ति का दर्षन हुआ, रवीन्द्र भवन कला दीर्घा में प्रदर्षित वढ़ेरा आर्ट गैलरी द्वारा आयोजित ए. रामचन्द्रन की एकल प्रदर्षनी के माध्यम से। चित्र हो या मूर्ति प्रदर्षित समस्त कृतियाँ परिवेष को अत्यन्त भावमय किये
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चित्रकार ए. रामचन्द्रन की कला : आधुनिकतावाद को खारिज करती एक सौन्दर्य दृष्टि

क्षणे-क्षणे यन्नवतामुपैति तदेवरूपं रमणीयतायाः ! – माघ रामचन्द्रन के चित्रों से गुज़रना भारतीय वाङ्मय से गुज़रने जैसा है। रामचन्द्रन के चित्रों को देखना भारतीयता का सिंहावलोकन करना है। रामचन्द्रन के चित्रों का अवलोकन भारतीय समाज के विकास का अवलोकन है।
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कपडे चढवा प्रतियोगीता…

मकबुल फिदा हुसेन!! या पुर्वी यावर एक लेख लिहिला होता. त्यावर बऱ्याच कॉमेंट्स पण आल्यात तुम्हा सगळ्यांच्या. तो लेख लिहिल्यावर अर्थातच माझ्या मनातली सगळा राग, द्वेश- बाहेर पडला. मकबूल फिदा हुसेनने आपल्या देवांची केलेली विटंबना आपण उघड्या डॊळ्यांनी पहात
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-च्या आयचा घो….

आजच्या टाइम्स मधे गौतम अधिकारींचा लेख वाचला. आजकाल तर हिंदूंना येता जाता टपल्या मारायची पध्दतच सुरु झालेली आहे, आणि दुर्दैवाने हे काम करणारे पण हिंदूच असतात. आपण कसे सेक्युलर आहोत हे अहमहमीकेने पटवून देण्यातच या लोकांची दमछाक होत असते. आपण सेक्युलर आहोत
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संतोष थापा की नई पेशकश तोर पूजा करे संसार

छत्तीसगढ़ के जस गायकों में संतोष थापा ऐसा नाम है, जिसे लोग छत्तीसगढ़ के सोनू निगम के रूप में जानते है. संतोष ने अपनी आवाज में अब तक अनेक तरह के नए प्रयोग किये हैं, और उन्हें लोगों ने काफी पसंद किया. अब तक टोला बंदौं दाई, मनिहारी वाला, राजधानी के राजकुमारी
 
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अभिव्यक्ति की आजादी

"कला जानते हो ?"कैनवास मेंतूलिका से आडी तिरछी रेखाओंके बीचनारी जननांगोंको उकेरते हुएउसने मुझसे कहा.आधे कटे सेवऔरएक जोडी पपीतेके त्रिभुज से विस्‍तृतदेहके चित्र मेंमैं, कला खोजने लगा.पत्थरों में उकेरी प्रतिमायेंस्मृति मेंधुऑं धुऑं अस्पष्ट."अभिव्यक्ति की
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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आयत्या बिळावर नागोबा…

एखादी गोष्ट पॉप्युलर झाली की तिचं श्रेय घेण्यासाठी बरीच मंडळी पुढे येतात- . कौशल इनामदार मराठी गीताच्या बाबत पण नेमकं हेच घडू पहातंय. काल मोठ्या भव्य दिव्य स्वरुपात दादोजी कोंड्देव स्टेडियम वर सुरेश भटांच्या कवितेचं.. ( लाभले भाग्य आम्हास..) च्या सीडीचे
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मराठी अभिमान गीत..

लाभले अम्हांस भाग्य बोलतो मराठी जाहलो खरेच धन्य ऐकतो मराठी धर्म,पंथ, जात एक जाणतो मराठी एवढ्या जगात माय मानतो मराठी मराठी अस्मिता संस्था.. कसं भारदस्त नांव वाटतंय नां? त्या भारदस्त नावामागे एक तुमच्या आमच्या परिचयाचं नांव आहे… कौशल इनामदार! कौशल
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छोटे और बड़े साहब-हिन्दी क्षणिकाएँ (boss culture-hindi comic poem)

 दिन भर अपने लिए साहब शब्द सुनकर वह रोज फूल जाते हैं। मगर उनके ऊपर भी साहब हैं जिनकी झिड़की पर वह झूल जाते हैं। ——————– नयी दुनियां में पुजने का रोग सभी के सिर पर चढ़ा है। कामयाबी का खिताब नीचे से ऊपर जाता
 
दीपक भारतदीप
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इश्क में सच-हास्य कविता (ishq aur sach-hasya kavita)

आशिक शिष्य ने अपने इश्क गुरु से कहा ‘‘आदरणीय फिर एक माशुका मेरी जिंदगी में आई पर उसने मेरा इश्क का मामला मंजूर करने से पहले सच बोलने वाली मशीन के सामने साक्षात्कार की शर्त लगाई। आपसे सलाह लेकर अपने इश्क के मसले सुलझाने में पहले भी मदद नहीं मिली इसलिये इस
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हिमालयाची फोटोरूपी भ्रमंती!

प्रदर्शन कुठे : ठाणे आर्ट गॅलरी, बिग बाजारजवळ, बाळकूम रोड, माजीवडे, ठाणे केव्हा : ५ ते ७ फेब्रुवारी, सकाळी ११ ते सायंकाळी ८ हिमालयातली उत्तुंग शिखरे... गोठलेले तलाव... खळाळत्या नद्या... डोंगरांची रांगोळी... रंगांची उधळण असलेला लडाख... हिरवागार अरुणाचल...
 
नरेन्द्र प्रभू (Narendra Prabhu)
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मृगेन्द्र प्रताप सिंह का शिल्प : डॉ. लोलार्क द्विवेदी द्वारा समीक्षा

[ वरिष्ट कला समीक्षक एवं ’आर्यकल्प ’ के सम्पादक डॉ. लोलार्क द्विवेदी ने मृगेन्द्र प्रताप सिंह की इस शिल्प कृति पर लिखी जीवन्त समीक्षा को छापने की अनुमति सस्नेह दी है । आभार । ] … और अभी मीलों चलना है मृगेन्द्र प्रताप सिंह ( प्राध्यापक , मूर्तिकला
 
अफ़लातून
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'भ्रमंती हिमालयाची’ छायाचित्र प्रदर्शन

जगभरातील पर्यटकांना हिमालयाची बर्फाच्छदित शिखरे नेहमीच साद घालत असतात. अर्घ्याहुन अधिक हिमालय तर आपल्या देशाचा अविभाज्य भाग आहे. वॉन्डररर्सचे हौशी छायाचित्रकार गेली कित्येक वर्ष हिमालयात भ्रमंती करत आहेत. जम्मु - काश्मीर मधले लडाख, हिमाचल प्रदेश, मधील
 
नरेन्द्र प्रभू (Narendra Prabhu)
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वेगळ्या हिमालयाचे दर्शन घडविण्याचे प्रयत्न

01 January, 2010 07:20:00 AMआजच्या प्रहार वृत्तपत्रात श्री. विनोद पितळे यांनी घेतलेली मुलाखत. नरेंद्र प्रभूपंचगंगा ते गंगा व्हाया मिठी’, ‘लडाख, प्रवास अजून सुरू आहे’ अशा पुस्तकांचे लेखन करणाऱ्या नरेंद्र प्रभू यांच्या मार्गदर्शनाखाली रवींद्र
 
नरेन्द्र प्रभू (Narendra Prabhu)
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कलाक चौंसठि संख्याक रहस्य आ कलाक मूलाधार

कलाक चौंसठि संख्याक रहस्यक दिसि दृष्टिï देला पर ई कहल जा सकैत अछि जे ऋग्वेदक मंत्र अष्टïक अध्याय एवं वर्ग मे व्यवस्थित अछि। आठ अष्टïक, चौंसठि अध्याय, दू हजार चौबीस वर्ग तथा दस हजार पांच सौ नवासी मंत्र अछि। सायणक अनुसार मंत्रक संख्या दस हजारि चार सै न
 
सुभाष चन्द्र
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हुसेन साहब, अपन पंगा नहीं लेते

हुसेन की प्रतिक्रिया जायज़ है। उनकी बात में दम है। वह सौ टका सही कह रहे हैं कि जो सरकार उनके आर्ट वर्क को प्रोटेक्ट नहीं कर पा रही है , वह उनकी सुरक्षा की बात किस मुंह से कर रही है! दरअसल भारत सरकार एम.एफ. हुसैन के खिलाफ कोर्ट में लटके पड़े मामलों का
 
पूजा
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चौंसठ कला

किछु गप्प ऐहन होइत छैक जकरा बारे मे कतेक बेर कतेको आदमी सँ सुनैत छी, मुदा ओ गप्प आखिर छै कि आ कियैक बाजल जाइत अछि। एकर तह मे जयबाक कोनो विशेष प्रयोजन नहि बुझैत छियैह। ऐहने एकटा सुनल जानल शब्द अछि 'चौंसठ कलाÓ, जे बहुत पहिनहिं सँ सुनबा मे आबि रहल अछि।
 
सुभाष चन्द्र
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वेस्टर्न का असर कत्थक पर भी-शाम्भवी

विनोद डोंगरे कत्थक कलाकार शाम्भवी शुक्ला का कहना है कि भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़ी संगीत और नृत्य के विधाओं में पाश्चात्य संस्कृति ने प्रभाव डाला है। इसके कारण आज की पीढ़ी को शास्त्रीय और पारंपरिक शैली की विधाओं में बोरियत महसूस होने लगा है, लेकिन
 
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मिडलैंड आर्टिस्ट गिल्ड द्वारा आयोजित कला प्रदर्शनी

जनवरी-मार्च २००९ के दौरान मिडलैंड आर्टिस्ट गिल्ड द्वारा आयोजित कला प्रदर्शनी में शामिल हर्षा केऔर मेरे कुछ चित्र ।
 
अमरेन्द्र कुमार - हिन्दी राइटर्स गिल्ड
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