हेमंत करकरे की मौत का सत्य
हमारे यहां यह परम्परा रही है की मरने के बाद हम लोगों के गुण याद रखते हैं तथा अवगुणो को भुलने की कोशीश करते है । हेमंत करकरे को मिडिया देश का नायक और शहीद बनाने पर तुली हुइ है । लेकिन यह बात समझनी होगी कि किसी अफसर के लिए एक निर्दोष साध्वी के उपर झुठा
Dec 29 2009 11:50 AM



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