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किताबों की दुनिया में पाया खजाना

किताबों की दुनिया में पाया खजाना कमला भसीन किताबों कि दुनिया में पाया खज़ाना ये साथी मेरी औ मेरा आशियाना । किताबों के संग–संग जंगल मैं घूमी थे वाकई वो जंगल न दिखती थी भूमि । बोलती हवाओं के संग–संग मैं झूमी तितली ने आके नजर मेरी चूमी । कोयल और तोते सुनाते
 
सहज साहित्य