नववर्ष!
कमला निखुर्पा लाए आपके जीवन में, उन्नति उत्कर्ष । हर हाथ को थमा कर कलम, जगाएँ सुप्त अनुभूतियाँ । बिखरे हर चेहरे पर खुशियाँ । उँगली पकड़कर दिखाएँ क्षितिज पर चमकता बाद्लों से निकलता हिमांशु । - कमला निखुर्पाजीवन एक कला है । साहित्य उसी का सहज मार्ग है ।
Jan 01 2010 11:57 AM



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