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31 दिसंबर की रात

यह कहानी पिछले साल लिखी थी। आज 31 दिसंबर के दिन अपने दोस्‍तों और पाठकों के बीच इसे प्रस्‍तुत करते हुए थोड़ी झिझक हो रही है। वजह यह कि ब्‍लॉग पर पहली बार अपनी कहानी दे रहा हूं। पता नहीं पाठकों को पसंद आएगी कि नहीं। बाहर बारिश हो रही है। पड़ोस में कहीं तेज
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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सलामी

ताज़ा ख़बर....ताज़ा ख़बर...ताज़ा ख़बर... नेताओं को उठ कर सलाम करेंगे अफ़सर चालान करने पर नेता ने सिपाही को पीटा भीड़ ने थाना फूंका, वर्दी वालों को घसीटा विधायक की बदसलूकी, अफ़सरों पर गाज़ फोन ना उठाने पर नेताजी हुये नाराज़ उसकी गर्दन की नसें खिंच गयी
 
भूपेश पंत आज़ाद
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नंद भारद्वाज की कहानी ‘उलझन में अकेले’

राजस्थान के साहित्य को जिन रचनाकारों ने पिछले पचास बरसों में सबसे ज्यादा समृद्ध किया है उनमें नंद भारद्वाज का नाम बेहद आदर के साथ लिया जाता है। अत्यंत संघर्षपूर्ण जीवन परिस्थितियों से गुजर कर नंद भारद्वाज ने अखिल भारतीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण मुकाम हासिल
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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चश्मदीद मुज़रिम : हसन जमाल की कहानी

राजस्थान के जिन रचनाकारों को राष्ट्रीय - अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाता है उनमे हसन जमाल सबसे अलग दिखाई देते हैं। वे अपनी समर्थ लेखनी और साफगोई के चलते अक्सर विवादों में भी छाए रहते हैं। लेकिन एक कथाकार के नाते उनकी रचनाएं पाठकों को बहुत कुछ सोचन
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi