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उधार माँगने वाले लोग

छोटी हो चादरतो पांव न होना ही बेहतरझुका ही रहता है हमेशामांगने वाले का सररहिमन वे नर मर चुके …सब याद थाउन पसरी हुई हथेलियों कोसुन रखे थे उन्होंने भीअपमान और बरबादियों के तमाम किस्सेसंतोष एक पवित्र शब्द था उनके भी शब्दकोष कालालच से नफ़रत करना ही सीखा
 
अशोक कुमार पाण्डेय
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