लार्ड मैकाले के मानस पुत्रों का षड़यंत्र....................!
जब मैं पहली कक्षा में पढने के लिए स्कूल में भर्ती हुआ तो मुझे याद है, दादाजी ने 60 पैसे में स्लेट और 75 पैसे में बाल भारती पुस्तक और 20 पैसे में पेंसिल का एक डिब्बा दिलाया था। पेंसिल तो और भी लाई गयी, एक दो स्लेट भी लगी होगीं क्योंकि फ़ूट जाती थी। इस तरह
May 10 2010 04:45 AM



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