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ई मेल क्‍या कह रही हैं ? (अविनाश वाचस्‍पति)

ई मेल को मत मानें सत्‍य वचनइनमें भी मिलावटी माल पक रहा हैचाहे इस पके से नहीं हो रहा नुकसानपर मिलावट खुद ही जुर्म है श्रीमान।दैनिक हिन्‍दी नवभारत टाइम्‍स से साभार
 
अविनाश वाचस्पति
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प्रशांत ने कहा है

को GIRISH BILLORE दिनांक ३० मार्च २००९ २१:१६ विषय बावरे फकीरा नहीं इतिहास इसके द्वारा मेल किया गया gmail.com जानकारी छिपाएँ २१:१६ (14 घंटों पहले) उत्तर दें गिरीश भाई कल मुझसे मेरे एक मित्र ने कहा I कुछ एसा... जो हम सभी आत्म अभिमानं के नाम पर कई बार क
 
"मुकुल:प्रस्तोता:बावरे फकीरा "
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