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मुसलमानों का नया रसूल : मौलाना कदीर

भंडाफोडू और महाजाल पर सुरेश चिपलूनकर  से साभारमुसलमान मुहम्मद को आखिरी रसूल मानते हैं.और कहते हैं किभविष्य में कोई रसूल या पैगम्बर नहीं आयेगा ,और न अल्लाह कोई नया रसूल भेजेगारसूल शब्द अरबी के र स ल शब्द से बना है जिसका अर्थ है भेजा गया ,या जिसे
 
कहत कबीरा-सुन भई साधो
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इस्‍लाम का संदेश - आतंक मचाओ हूर मिलेगी

महाशक्ति ब्लोग के अरुण अरोड़ा जी का लेख साभार प्रस्तुत  इस्‍लाम का उदृदेश्य आतंक और सेक्स है यह मेरा कहना नही है किन्‍तु जब इस्‍लाम से सम्‍बन्धित ग्रंथो का आध्‍ययन किया जाये तो प्रत्‍यक्ष रूप ये यह बात सामने आ ही जाती है। कि घूम फिर कर अल्‍लाह को खुश
 
कहत कबीरा-सुन भई साधो
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इस्लाम के नाम पे धोका

मैं एक ब्लॉग पढ़ रह था जिमें इस्लाम मैं सुधर की बात एक मुसलमान मोहतरमा केर रही थीं और वाह वाह केर रहे थे वोह जिनका मज़हब ही इस्लाम नहीं था. मोहतरमा कुछ सवाल उठा रही थीं मुसलमानों को निशाना बना के, और हकीकत मैं उनका निशाना थी कुरान. सवाल नंबर १ : अल्लाह ने
 
Voice Of The People
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‘इस्लाम की विशेषताएं’ LaLa-ranjendra-LaL-said

islam राजेन्द्र नारायण लाल अपनी पुस्तक ‘इस्लाम एक स्वयं सिद्ध ईश्वरीय जीवन व्यवस्था‘ में मुहम्मद, मदिरापान ,सूद (ब्याज),विधवा स्त्री एवं स्त्री अधिकार आदि बारे में अपने लेख ‘इस्लाम की विशेषताऐं’ में लिखते हैं-(1) इस्लाम की सबसे प्रधान विशेषता उसका
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ऊपर वाला “खुदा” है तो देर से अंधेर भली

एक बात से तो कोई इन्‍कार नही कर सकता है कि भारत मे सुनामी और भूकंप आने पर इतना हल्‍ला नही मचता है जितना कि फतवा जारी होने पर, जैसे फतवा न हो गया अल्‍लाह की जुलाब की घुट्टी हो गई पीते ही दस्‍त शुरू । आज के समय में यही देखने पर लग रहा है कि यह कैसा दकि
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खुदा के चैलेंज पूरी मानव-जाति को #1-7

लगभग चौदह सौ साल से अल्‍लाह ने कुरआन में मानव जाति को बहुत से चैलेंज किये हुये हैं जिनका आज तक इन्‍तजार है।कुरआन 114 हिस्सों में बंटा हुआ है, हर हिस्से को सुरः कहते हैं, जिसमें बहुत सी सूरत हैं जो अक्षरों-शब्दों का सार्थक क्रम के साथ जोडकर बनी होती हैं।
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भाजपा का दर्द - जिन्‍ना से जसवंत तक

भारतीय जनता पार्टी में आम चुनाव में हार के बाद जिस प्रकार का कलह मजा है, इसके दूरगामी परिणाम दिखाई पड़ते दिख रहे है। 1998 तक देश की सबसे अनुशासित प‍ार्टियों में गिनी जाने वाली भाजपा आज अपने अ‍तीत को भूल कर कांग्रेसी पथ पर चलने को अग्रसर दिखाई पड़ती है।
 
महाशक्ति
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मुस्लिम महिलओं का दर्द

जो बात श्री गिरीश जी ने खत्‍म की थी वहीं से मै शुरूवात मै उसी के आगे से करना चाहूँगा। बहुत से लोग ऐसे होते है, जो हिन्‍दु धर्म और संस्‍कृति को गाली देने में आपना बड़प्‍पन समझते है। उनकी यह समझ उतनी ही सही हो सकती है जितनी की गर्म तावे पर पड़ने वाली बूँद
 
महाशक्ति
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Sunday Supplimentary (स्वच्छ सन्देश: हिन्दोस्तान की आवाज़)

पिछली पोस्ट से मैंने एक सीरिज़ की शुरुआत की है जिसमें मैंने "वेद और कुरआन" में दी गयी यक़्सानियत (समानताओं) का जिक्र कर रहा हूँ. सीरिज़ चलती रहेगी, फ़िलहाल यह पोस्ट ख़ास आपके लिए... यह किताब आप ज़रूर पढें... from: स्वच्छ सन्देश: हिन्दोस्तान की आवाज़
 
स्वच्छ संदेश: हिन्दोस्तान की आवाज़
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जिनका गांधी माओवादी है, वे विलियम से सीखे….

भारत की अखण्डता को अभी दो प्रमुख भीतरघाती ताकतों से खतरा है. वहीं एक ताकत इनकी राह में रोड़ा जरूर बनी हुई है. विलियम चाहता तो अपने अधिकारों के लिए हथियार भी उठा सकता था, लेकिन उसने रचनात्मकता चुनी ना कि विध्वंसक गतिविधियाँ.
 
संजय बेंगाणी
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जन सेवा और इस्लाम jan-sewa-social-service-islam

इस्लाम का जन-सेवा से संबन्धित दावा है कि वह सम्पूर्ण मानव जाति और समस्त समाज के सारे मामलों में भरपूर रहनुमाई करता है, सिद्धांत देता है, सुनिश्चित नियम भी रखता है और नैतिक व भौतिक, हर स्तर पर समस्याओं का निवारण करता और जटिलताओं को सुलझाता है। उसका यह
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अल्‍लाह का चैलेंजः कुरआन में विरोधाभास नहीं

लेखकों कुरआन पर लिख कर देखो, कुछ ऐसी बात प्रस्तुत करो कि करोडों मुसलमान हिल जायें, आप भी जगप्रसिद्ध हो जाओगे, अब कुरआन पर कलम उठाने में भाषा बाधा नहीं है,75 भाषाओं में इस्लाम पर जानकारियां उपलब्ध हैं, हिन्दी,तमिल,मलयालम और इंग्लिश सहित 40 भाषाओं कुरआन का
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बचो! हो गई है शरीयत साम्राज्यवाद की शुरुआत

न्याय व्यवस्था को शरीयत के हिसाब से पुनर्गठित कर दिया गया है। वकीलों की काली कोट को उतार लिया गया है और जजों को काजी बन जाने का आदेश जारी कर दिया गया है। वरिष्ठ जजों को जिला काजी बना दिया गया है।