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नीले तारे की चमक अतीत की बात हुई

सब कुछ फिर से दोहराए जाने जैसा लगता है तब एक कमी जरूर खलती है, केन्द्र में मजबूत जनाधार वाली सरकार है ना मजबूत इरादों वाली इन्दिरा जैसे नेता है. आतंकवादियों को सरकारी मेहमान बना कर रखने वालों से ऑपरेशन ब्लू-स्टार जैसे कदम की आशा तो नहीं रखी जा सकती न
 
संजय बेंगाणी
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सलाम लोकतंत्र

मुझे अच्छा लग रहा था, बुश का एक सामान्य से विमान द्वारा विदा होना. नहीं, मुझे बुश से ऐसी कोई घृणा नहीं कि उनके जाने मात्र से खुशी होती हो.
 
संजय बेंगाणी