पसंद करें
-1
नापसंद करें

बीते कुछ दिनों से लिए गए नोट्स

बादल हैं। धूप-छॉंह चल रही है। सुबह ज्‍यादा थे अब सघनता कम हो गई है । धूप निकल रही है । चार-पॉंच दिन की उमस भरी तेज गर्मी के बाद कल सुबह बारिश हो गई थी । तब से बादल छाए हुए हैं । शायद वे आसमान, चिलमिलाती धूप को सौंपकर फिर कुछ दिनों के लिए चले जाऍं ।
 
अर्कजेश
पसंद करें
2
नापसंद करें

संबंध - खुशियों की चाबी खुद की जेब में रखें

"मुझे याद आता है कि जब मैं एक छोटी सी लडकी थी , मेरी मॉं हमारे लिए नाश्‍ता और रात का खाना बनाया करती थी । एक दिन की घटना मुझे खासतौर पर याद आती है जब मॉं ने एक पहाड जैसे दिन में कठोर थकाने वाला श्रम करने के बाद घर आकर हमारे लिए रात का खाना बनाया था । कई
 
अर्कजेश
पसंद करें
2
नापसंद करें

राजिया रा सौरठा -6

कवि कृपाराम जी द्वारा लिखित नीति सम्बन्धी राजिया के दोहा भाग -6 नहचै रहौ निसंक,मत कीजै चळ विचळ मन | ऐ विधना रा अंक,राई घटै न राजिया || निश्चय्पुर्वक नि:शंक रहो और मन को चल विचल मत करो,क्योकि विधाता ने भाग्य मे जो अंक लिख दिये है, हे राजिया ! वे राई भ
 
Ratan Singh Shekhawat
पसंद करें
3
नापसंद करें

राजिया रा सौरठा -5

कृपाराम पर द्वारा लिखित राजिया के नीति सम्बन्धी दोहे | मानै कर निज मीच, पर संपत देखे अपत | निपट दुखी व्है नीच , रीसां बळ-बळ राजिया || नीच व्यक्ति जब दुसरे की सम्पति को देखता है तो उसे अपनी मृत्यु समझता है,इसलिए ऐसा निकृष्ट व्यक्ति मन में जल-जल कर बहु
 
Ratan Singh Shekhawat
पसंद करें
3
नापसंद करें

जोधपुर के मिर्ची बड़े और सेव बेर

हर शहर में खाने पीने के उत्पादों में कुछ खास होता है और वे उत्पाद उस शहर के नाम से जुड़ जाते है जैसे आगरा का पैठा, रेवाडी की रेवडी आदि, ठीक इसी तरह जोधपुर में भी खाने पीने के कई उत्पाद है जो जोधपुर की पहचान है जैसे मिर्ची बड़ा,मावे और प्याज की कचोरी,
 
Ratan Singh Shekhawat