0
सच के नाम पर सजा झूठ-हिन्दी शायरी
हिन्दी साहित्य,समाज,मनोरंजन,मस्ती,संदेश,hindi shaitya,sher,shतमाम रस्में निभाकर भी हम क्या पाते हैं, पुराने बयान पर आंखें बंद कर यकीन के साथ यूं ही जिंदगी में चले जाते हैं। इंसानों की सोच पर बंधन डाले हैं सर्वशक्तिमान के संदेश की किताबें लिखने वालों ने
May 17 2010 10:59 PM



Shuffle








