0
तेरी आहट
ज़ख्म मुस्कुराते हैं अब भी तेरी आहट पर,दर्द भूल जाते हैं अब भी तेरी आहट पर । शबनमी सितारौं पर फूल खिलने लगते हैं,चाँद मुस्कुराता है अब भी तेरी आहट पर । उमर काट दी लेकिन बचपना नहीँ जाता,हम दिए जलाते हैं अब भी तेरी आहट पर ।तेरी याद आए तो नींद जाती रहती
Nov 01 2009 08:33 PM



Shuffle








