पसंद करें
2
नापसंद करें

आस्था की डोर – चैरा

हिम का आंचल यानि हिमाचल के कुल्लू-मनाली, शिमला, डलहौजी आदि विख्यात पर्यटन स्थलों को तो आम तौर पर सैलानी जानते ही हैं लेकिन इस हिमाचल में कहीं कुछ ऐसे भी अनछुए स्थल हैं जहां सैलानी अभी तक नहीं पहुंच पाए हैं। ऐसे ही एक स्थल पर मुझे पिछले साल जून में जाने
 
सुमन'मीत'
टैग: आस्था
पसंद करें
0
नापसंद करें

यह ईश्वर जो हमें डराता है

ईश्‍वर!सड़क बुहारते भीकू से बचते हुएबिल्‍कुल पवित्र पहुंचती हूं तुम्‍हारे मंदिर मेंईश्‍वर!जूठन साफ करती रामी के बेटे कीनज़र न लगे इसलिएआंचल से ढंक कर लाती हूं तुम्‍हारे लिए मोहनभोग की थालीईश्‍वर!दो चोटियां गुंथे रानी आ कर मचलेउससे पहलेतुम्‍हारे शृंगार के
 
अनुराग अन्वेषी
पसंद करें
0
नापसंद करें

आ रहा है, भविष्य का एक अछूता टुकड़ा

जल्द ही 2009 चला जाएगा और 2010 का आगाज होगा। लेकिन वह क्या चीज है जो एक सेकंड को दूसरे से, एक दिन को दूसरे दिन से और एक साल को दूसरे साल से अलग करती है? कुछ नहीं। टाइम एक बिना जोड़ का धागा है अनंत तक पसरा हुआ, वे हम हैं, जो इसे अपनी सहूलियत के लिए टु
 
संजय खाती
पसंद करें
1
नापसंद करें

भगवान क्या करेंगे धन का ?

नाम भगवान का काम इनसान का। हिंदू संस्कृति में भगवान तो ऐश्वर्य से ओत-प्रोत हैं ही, लेकिन आधुनिक समय में भगवान के नाम पर धर्म के ठेेकेदार धनवान होते जा रहे हैं। उसके लिए कोई भी छल-प्रपंच करने से नहीं हिचकते। लिहाजा, भगवान के नाम पर 'खास इनसानÓ धनवान ह
 
सुभाष चन्द्र
टैग: आस्था
पसंद करें
3
नापसंद करें

आस्था और विश्वास

पर्वतारोहियों का एक दल एक अजेय पर्वत पर विजय पाने के लिए निकला. उनमें एक अतिउत्साही पर्वतारोही भी था जो यह चाहता था कि पर्वत के शिखर पर विजय पताका फहराने का श्रेय उसे ही मिले. रात्रि के घने अन्धकार में वह अपने तम्बू से चुपके से निकल पड़ा और अकेले ही