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मरहम...
#########इच्छा नाहो गरस्वयम के ज़ख्मों कोभरने की॥व्यर्थ हैंकोशिशेंबाहरीसंवेदनाओं केमरहम कीसभी...हो ना मनअनुकूल ,ग्राह्य ,मरहम केप्रतिअगर ,बनादेती हैज़ख़्म कोनासूरविपरीतप्रतिक्रियाभी कभी .....
May 17 2010 10:07 AM



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