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माओवादी करेंगें रेल सुरक्षा...

माओवादियों ने बीबीसी को फोन करके कहा कि रेलवे को उनसे डरने की ज़रुरत नहीं है क्योंकि उनके नियंत्रण वाले क्षेत्रों से होकर किसी भी रेल कि सुरक्षा की गारंटी वे लेते हैं और यदि कहीं से कोई भी इस तरह कि किसी भी गतिविधि में लिप्त पाया जायेगा तो उसके विरुद्ध
 
डा०आशुतोष शुक्ल
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एमनेस्टी की रिपोर्ट....

मानवाधिकार के लिए काम करने वाली एमनेस्टी संस्था ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बड़े और प्रभावशाली देशों से कानून की मर्यादा को बनाये रखने को कहा है. संस्था ने यह आरोप लगाया है कि ताकतवर देश अपने को कानून से ऊपर रखना चाहते हैं और इसके चलते वे बहुत बार
 
डा०आशुतोष शुक्ल
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पाक की नीलम घाटी फिर अशांत

बी बी सी की एक रिपोर्ट के अनुसार पाक अधिकृत कश्मीर की नीलम घाटी में एक बार फिर से आतंकियों की घुसपैठ बढ़ गयी है जिससे स्थानीय निवासियों के साथ भारत की चिंता बढ़ गयी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि जो भी लोग यहाँ आ रहे हैं वे कश्मीरी नहीं हैं पर उनकी पोशाक
 
डा०आशुतोष शुक्ल
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जवानों की सुविधाएं

अब जब छत्तीसगढ़ के दांतेवाडा में हुए माओवादियों के हमले की जांच की जा रही है उस समय यह सामने आ रहा है कि किस तरह की विषम परिस्थितियों में हमारे जवान वहां पर तैनात हैं. बहुत से ऐसे कैंप भी हैं जहाँ पर आने जाने का साधन ही केवल वायुमार्ग से उपलब्ध है किसी भी
 
डा०आशुतोष शुक्ल
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बाबा साहब भी कब्ज़े में ?

१४ अप्रैल को अम्बेडकर नगर में राहुल गाँधी के एक कार्यक्रम ने मायावती की नींदें उड़ा दी हैं. पता नहीं उन्हें इस बात की सलाह किसने दे दी है कि बाबा साहब की जयंती पर उनके गढ़ में ही चुनावी बिगुल फूंकने से कांग्रेस बहुत आगे निकल जाएगी ? यदि इस कार्यक्रम को
 
डा०आशुतोष शुक्ल
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जीवन अधिकार यात्रा

इंदौर समर्थक समूह की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि नर्मदा घाटी में बन रहे सरदार सरोवर बांध डूब क्षेत्र के निवासियों पर पुनः हमला हुआ है। घाटी के 248 गांवों में बसे 2 लाख पहाड़ी आदिवासी और पश्चिमी निमाड़ के किसान मजदूर, मछुआरे, छोटे व्यापारी आदि
 
lokendra singh rajput
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चिदंबरम की पेशकश

जैसी कि सम्भावना थी कि इतने बड़े नक्सली हमले के बाद गृह मंत्री पी चिदंबरम अपने पद से इस्तीफ़ा दे सकते हैं वह कल सच साबित हुई, यह सच है कि इस तरह के मामलों में नैतिक आधार पर इस्तीफ़ा देना लोकतान्त्रिक परम्पराओं का ही हिस्सा हैं पर चिदंबरम ने जिस तरह से
 
डा०आशुतोष शुक्ल
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ख़बरों में जिला बनाओ आन्दोलन

हमें भी ज़िद है कि आशियाँ बनायेंगे!! कहीं सूबा बनाओ तो कहीं जिला बनाओ! गर विकास का समान वितरण हो तो मुझे लगता है कि ऐसी आवाज़ कहीं से न उठे.ले मशालें चल पड़े हैं लोग मेरे गाँव के!! अपुन के शेरघाटी से खबर यही है..बहुत दिनों से भाई इमरान की शिकायत थी कि
 
शेरघाटी
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पेट्रोलियम पदार्थों में आग....

प्रधान मंत्री ने अपनी सऊदी यात्रा से वापस लौटते समय विमान में पत्रकारों से बात करते समय जो संकेत दिया कि  पेट्रोलियम पदार्थों में की गयी वृद्धि वापस नहीं ली जाएगी वह समय की आवश्यकता है. यह सही है कि इन पदार्थों का सीधे तौर पर देश के आम आदमी से
 
डा०आशुतोष शुक्ल
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फिर हिंसक सच्चे सौदे वाले ?

              डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख पर लगने वाले आरोपों को लेकर एक बार फिर से पंजाब में आग भड़काने की तैयारी कर ली गयी लगती है. देश का कानून सबसे महत्त्वपूर्ण है और यदि किसी पर कोई आरोप
 
डा०आशुतोष शुक्ल
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पाक से समग्र वार्ता कब और क्यों ?

आज कल अन्य सभी बातों के साथ पाक के साथ वार्ता का मुद्दा भी अपनी जगह पर है. जिस तरह से पाक ने अभी तक भारत के किसी भी कदम का सही ढंग से उत्तर नहीं दिया है उस स्थिति में कुछ खास सामने तो आने वाला नहीं था हाँ इतना अवश्य हो गया है कि एक बार फिर से दोनों देश
 
डा०आशुतोष शुक्ल
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कैसे निपटें नक्सलियों से ?

कल कोलकाता में हुई नक्सली मसले पर बैठक से जिस तरह से बिहार और झारखण्ड के मुख्यमंत्री अनुपस्थित रहे उससे यह पता चलता है कि राजनेता अपने किसी भी काम और वोटों को देश हित से आगे ही रखते हैं. पहली बार देश में नक्सल प्रभावित राज्यों को साथ में बैठा कर कुछ
 
डा०आशुतोष शुक्ल
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वाह रे सरकार ...

कल लखनऊ में सरकार ने जिस तरह से राज्य कर्मचारियों के प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की उसकी कोई आवश्यकता नहीं थी. जब हर छोटी बात के लिए कोई भी इस देश में प्रदर्शन कर सकता है तो सरकारी कर्मचारियों को इससे अलग कैसे रखा जा सकता है ? प्रदर्शनों को कुचलने में
 
डा०आशुतोष शुक्ल
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तेलंगाना राज्य

देश में एक और नए राज्य के गठन की तरफ़ कल केन्द्र सरकार ने कदम बढ़ा ही दिए। असल में आज भी देश में राज्यों को चलाने के लिए सही दिशा निर्देश नहीं होने के कारण यहाँ वहां से इस तरह की मांग उठती ही रहती है। सवाल यहाँ पर एक अलग तेलंगाना का नहीं है वरन राज्य
 
डा०आशुतोष शुक्ल
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कृषि प्रधान देश ?

जैसा कि कहा जाता है कि हमारा देश कृषि प्रधान है। कुछ हद तक ये बात सही भी है क्योंकि भारत की आत्मा आज भी गाँवों में ही बसती है। देश में ही नहीं बल्कि राज्यों तक में बा कायदा एक कृषि मंत्री भी हुआ करते हैं। कहा जाता है कि इस मंत्रालय और मंत्रियों पर इस
 
डा०आशुतोष शुक्ल
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हम सभी खानाबदोश है...

हम में से ऐसे कितने लोग हैं जो अपनी जड़ों से उखड़कर  नई जगहों पर जमने की कोशिश कर रहे हैं ..। खानाबदोशों की तरह हमारे पूर्वज जाने कहाँ से भटकते हुए आये और कहीं किसी जगह पर स्थायी हो गये । फिर उस पीढ़ी से कुछ लोग निकले रोजी-रोटी की तलाश में और नई जग
 
शरद कोकास
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेंच

पता नहीं सरकारें किसी तरह की सोच में विश्वास करती हैं और उनके काम करने का नजरिया कहाँ तक उचित होता है ? आजकल उत्तर प्रदेश एक अलग तरह के आन्दोलन को देख रहा है पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग उच्च न्यायालय की एक पीठ वहां भी खोलने की मांग कर रहे हैं। वैसे द
 
डा०आशुतोष शुक्ल
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नक्सलियों के खिलाफ..

आख़िरकार देश के राजनैतिक नेतृत्व ने एक बहुत बड़ी समस्या से निपटने के लिए एक कार्य योजना बनाकर उस पर अमल करने की दिशा में बहुत सधे क़दमों से चलना भी शुरू किया है। आज तक नक्सल आन्दोलन के मुख्य कारण पर शायद ही कभी ठीक से विचार किया गया हो ? देश में बहुत
 
डा०आशुतोष शुक्ल