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आनन्द और लक्ष्मी कहां वसते हैं ?

सन्तुष्टो भार्यया भर्ता भर्त्रा भार्य्या तथैव च।यस्मिन्नेव कुले नित्यं कल्याणं तत्र वै ध्रुवम् ।। मनु.।।जिस कुल में स्त्री से पुरूष और पुरूष से स्त्री सदा प्रसन्न रहती है उसी कुल में आनन्द लक्ष्मी और कीर्ति निवास करती है और जहां विरोध , कलह , होता है
 
Ram Pal Singh
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क्या खोया ? क्या पाया?

एक समय पाम्पई का प्रसिद्ध शहर ज्वालामुखी मे जल ऊठा. तकरीबन आधी रात को ज्वालामुखी फ़ट गया और लावा बह निकला. लोग बदहवाश भागने लगे. जिसको जो हाथ लगा वही लेकर भागा. पास मे जो भी था, सोना चांदी, हीरे जवाहरात या कीमती सामान, बस बेतहाशा भागे जारहे हैं. जिस
 
मग्गा बाबा
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बड़ी लम्बी जुदाई...

हीरो(1983) फ़िल्म से यह गीत तो आप सबको याद होगा, यह गीत आनन्द साहब ने लिखा दर्द बयाँ करने में आज तक इस गीत के जैसा गीत कोई दूसरा नहीं जो हर स्तर के मन: स्थिति को आसानी से समझ आ जाता हो, आनन्द साहब की कलम से जब दर्द भरे हर्फ़ उतरे, दिल की गहराई में छुपे
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