आधुनिक बाबा या सफ़ेदपोश अपराधी
समाज में जितनी तेजी से पाप बढता गया ,उससे दोगुनी तेजी से ही लोगों ने शायद इसी भ्रम में धार्मिक क्रियाकलापों में लिप्त रहने की अपनी इच्छा दिखाई कि शायद इसी बहाने से उनके पाप कट सकें । इस तथाकथित घोषित किए जा चुके कलियुग में भी लगाता बढते देवी देवताओं की
Mar 05 2010 05:44 PM



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