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इतने साल बाद आयी याद

ये हैं महाकवि आचार्य जानकी वल्‍लभ शास्‍त्री। मुजफ्फरपुर स्थित अपने निराला निकेतन में अपने कुत्‍तों के साथ जीवन बिता रहे हैं। इन्‍हें सरकार ने पदमश्री देने की घोषणा की है। लेकिन आचार्य खुश नहीं है। कहते हैं- इतने साल बाद आई याद।
 
एम. अखलाक
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...और कुत्तों से इस तरह हो गया इश्क

लगा कि उससे मेरा पूर्व जनम का कोई रिश्ता है : आचार्य जानकी वल्लभ शास्‍त्रीमुजफ्फरपुर : यूं तो आपने महाकवि आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री को गोद में कुत्तों को खेलते-खिलाते कई बार देखा होगा। लेकिन, बहुत कम लोगों को यह मालूम होगा कि उन्हें कुत्तों से प्रेम
 
एम. अखलाक