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ये नहीं रुकता तो लगाओ नारे - "जय श्री राम", "अल्लाह हो अकबर"

पिछले कुछ दिनों से ब्लॉग पर घूमाफिरी तो हो रही है किन्तु बहुत कम टिपियाने का मन कर रहा होता है। इसका एक सबसे बड़ा कारण कुछ ढंग का न लिखा जाना है। इस कुछ ढंग का न लिखे जाने जैसी कोढ़ की स्थिति में खाज जैसी हालत ये हो गई कि ब्लॉग पर भी साम्प्रदायिकता दिखाई
 
डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
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आक्रोश

निष्कर्ष पर पहुँचने की जल्दी,जड़ है ,कलियुगी अव्यवस्थाओं कीत्वरित प्रतिक्रियाएँ ,अनियंत्रित,अनाधिकृत, अपरिपक्व ,अपरिष्कृत ,आक्रोशरोग बन चुका है |ये महानगर ऐसे रोगियों को बेहतर इलाज का आश्वाशन देते है |यहाँ आप अपनीजिंदगी बेचकरदवा खरीद सकते है ,दुवा भी
 
tarun_kt
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एक व्यक्ति, 348 दिन का मुकदमा और 40 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च

घटना एक और शहर एक।घटना एक और अंजाम देने वाले दस।घटना एक और हताहत सैकड़ों।घटना एक और प्रभावित हजारों।घटना एक और देखने वाले लाखों।अब घटना के बाद की स्थिति---आये दस और शामिल दस।आये दस और मरे नौ।आये दस और बचा एक।अब इस एक बचे और इसी एक पकड़े जाने के बाद की
 
डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
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शहीद को श्रद्धांजली में ना पसंद क्या ?

अभी दो दिन पहले मेजर गौतम राजरिशी ने एक पोस्ट लगाई, जो कि एक मेजर की शहादत पर थी। एक साथी फौजी का अचानक जाने से शायर फौजी का दुखी होना लाज़मी था। ब्लॉग जगत के टिप्पणी व्यवहार से हम सभी परिचित हैं। इसी के चलते मेजर राजरिशी ने इस संवेदनशील पोस्ट पर टिप्पणी
 
कंचन सिंह चौहान
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एक तरफ पानी की बेवजह बहती धार-दूसरी तरफ पानी के लिए लोग बेजार

अपने राज्य छत्तीसगढ़ में इस समय चारों तरफ पानी की मारामारी चल रही है। एक तरफ ऐसे लोग ज्यादा हैं जिनको पानी नसीब नहीं हो रहा है, तो दूसरी तरफ ऐसे लोग भी हैं जिनके पास पानी की कमी नहीं है, लेकिन इनको पानी की कदर नहीं है। जिनको पानी की कदर नहीं है, उन प
 
राजकुमार ग्वालानी