आओ न
आओ नआना है तो आओ न,यूँ दिल को जलाओ न छोटी किसी बात पर,यूँ दिल को तड़पाओ न हसरतों के तुफाँ में,अकेला ये मुसाफिर तन्हाई की आग़ोश में,गुम हुआ आज फिर क्या है दिल में साथी,हमें कुछ बताओ न छोटी किसी बात पर,यूँ दिल को तड़पाओ नतेरी ख़ामोशियां जैसे,रूठी हो बहार भी लब
Jan 28 2009 03:40 PM



Shuffle








