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एक लेखक के अपमान का विरोध या गैंगवार, साफ करें

झूठा सच के छिलके [29 May 2010 | Read Comments | ] रीतेश ♦ कोडरमा के इस पाठक परिवार ने इतने झूठ बोले हैं कि उसकी गिनती नहीं है। झूठ बोलने के कारण पाठक जी का परिवार खुद ही नंगा हो रहा है। Read the full story »क्‍यों डरें इससे? [29 May 2010 |
 
अविनाश
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पूर्ण सहमति तो एक अपवाद पद है

( ‘इतिहास बोध’ में छपी ईश्वरचंद्र पाण्डे की यह महत्वपूर्ण कविता यहां प्रस्तुत की जा रही है। देखिए किस नायाब तरीके से उन्होंने अपनी निराली दृष्टि को अभिव्यक्त किया है। आज के समय की अपेक्षा को बख़ूबी शब्द दिये हैं….यह अभी जनपक्ष में भी दी गई थी, यहां
 
रवि कुमार, रावतभाटा
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अपना जनरल नॉलेज दुरुस्‍त कीजिए वेद प्रताप वैदिक…

कहां है निरू का सिम? [28 May 2010 | Read Comments | ] रीतेश ♦ पुलिस ने अब तक निरुपमा पाठक के मोबाइल फोन का सिमकार्ड बरामद नहीं किया है, जिससे प्रियभांशु रंजन से उसकी बातचीत हो रही थी। Read the full story »क्‍यों डरें इससे? [29 May 2010 |
 
अविनाश
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राजकिशोर जैसे लोग दरअसल सत्ता के दलाल होते हैं!

पंकज विष्‍ट की लंतरानी [06 May 2010 | Read Comments | ] सलीम अख्‍तर सिद्दीकी ♦ मां-बाप पहले तो कभी अपनी बेटी का मोबाइल भी चैक नहीं करते कि वह घंटों किससे बतियाती रहती है। जब प्रेम का पता चलता है, तो हंगामा करते हैं। Read the full story »निरु
 
अविनाश
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हमने खबर हटा दी, आत्‍महत्‍या के संकेत दिये गये थे

दिल्‍ली का लापतागंज [27 March 2010 | Read Comments | ] विनीत ♦ पहाड़गंज के घरों की छत। जामा मस्जिद, राष्ट्रपति भवन का गुंबद और नयी-नवेली मेट्रो। शहर का नजारा लाइव हिस्ट्री की तरह सामने नजर आता है। Read the full story » प्रथम पुलिस प्रवक्‍ता [27
 
अविनाश