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अलविदा ज़िन्दगी

हम भी हरे थे,चुलबुले थे, ज़िन्दगी के हर रंग जिये थे आज हम मुरझा गये हैं दुख के बादल छा गये हैं। ज़िन्दगी की शाम में देगे नहीं कोई सदा हम, आखिरी लम्हें तो जी लें कल कहेंगे अलविदा हम। शिकवा नहीं कोई किसी से सबको भी आना यहीं हैं। आज जी भर कर विलस लो छोड