पसंद करें
0
नापसंद करें

एमसीएक्स एसएक्स की वित्तीय साक्षरता पर एक और पहल

एमसीएक्स स्टॉक एक्सचेंज (एमसीएक्स-एसएक्स) ने भारत के दो पेशेवर संस्थानों इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) और इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट एंड वर्क्स एकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीडब्ल्यूएआई) के साथ मिलकर वित्तीय साक्षरता व कॉरपोरेट गवर्नेंस के
 
अनिल रघुराज
पसंद करें
0
नापसंद करें

साठ का गणतंत्र

तेज  बढ़ती  अर्थव्यवस्था में 'गण'  की  जगहसाठ साल  के गणतंत्र में भारतीय अर्थव्यवस्था ने एक लम्बा सफर तय किया है. इस बीच, अर्थव्यवस्था में कई बदलाव आये हैं.अर्थव्यवस्था नेहरूवादी समाजवाद का खोल उतारकर निजी
 
आनंद प्रधान
पसंद करें
1
नापसंद करें

नए साल में अर्थव्यवस्था

नए साल में अर्थव्यवस्था को खुशफहमी नहीं सतर्कता चाहिए नया साल 2010 अर्थव्यवस्था के लिए क्या लेकर आ रहा है? यह एक ऐसा सवाल है जिसपर हर आमो-खास की नज़रें लगी हुई है. कहने की जरूरत नहीं है कि अर्थव्यवस्था से मनमोहन सिंह सरकार को काफी उम्मीदें हैं. उसे
 
आनंद प्रधान
पसंद करें
0
नापसंद करें

हम कब बनाएंगे एक 'असली` नोट?

गर्व से कहो हम भारतीय हैं। चंद दिनों बाद हम अपनी आजादी की ६१ वीं सालगिरह भी मनाने जा रहे हैं। गर्व करने के लिए दावे बड़े - बड़े हैं। इन ६१ सालों में हमने अंतरिक्ष में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई , ताकि पूरी दुनिया पर नजर रखी जा सके। अत्याधुनिक रक्षा उपक
 
रंजन राजन
पसंद करें
0
नापसंद करें

खतरे में खेती

देविंदर शर्मालगभग ढाई दशक पहले आयरलैंड के कोर्क में आयरिश अकाल की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर शहर के मेयर ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा था, ''तब समाज कितना बर्बर था. लोग भूखों मर रहे थे और मक्के से लदे जहाज इंग्लैंड भेजे जा रहे थे.''उस भीषण अकाल
 
rajesh chandra
पसंद करें
1
नापसंद करें

तीसरा रास्ता...

आवारा विदेशी पूंजी के आगे घुटने टेकती सरकार आनंद प्रधान इन दिनों मुंबई शेयर बाज़ार में जो बूम सा दिख रहा है, उसके पीछे सबसे बड़ी भूमिका विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफ।एफ.आई) की है. एफ.एफ.आई वे विदेशी निवेशक हैं, जो दुनिया भर के बाज़ारों में अधिक से अधिक
 
आनंद प्रधान के शिष्य
पसंद करें
2
नापसंद करें

महा महंगाई और जमाखोर सरकार

आनंद प्रधान महंगाई की सुरसा का बेकाबू बदन और मुंह फैलता ही जा रहा है. अब यह सिर्फ महंगाई नहीं रह गई है. इसे महा महंगाई कहना पड़ेगा. खुद सरकार आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं. नवम्बर के आखिरी सप्ताह में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति यानि महंगाई दर उछलते हु
 
आनंद प्रधान के शिष्य
पसंद करें
1
नापसंद करें

इस महंगाई के मायने

आनंद प्रधान महंगाई बेकाबू होती जा रही है. खासकर आवश्यक खाद्य वस्तुओं की रिकार्डतोड़ महंगाई बिलकुल असहनीय हो गई है. खुद सरकारी आंकड़ों के मुताबिक खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर 15.58 प्रतिशत तक पहुंच गई है. यह पिछले 11 वर्षों का रिकार्ड है. हालांकि भारत जै
 
आनंद प्रधान के शिष्य
पसंद करें
0
नापसंद करें

मंदी जा रही है लेकिन रोजगार कहाँ है?

आनंद प्रधान वैश्विक मंदी के प्रभाव में सुस्त हो गई भारतीय अर्थव्यवस्था के एक बार फिर पटरी पर लौटने की चर्चाएं तेज हो गई हैं. यू.पी.ए सरकार के अफसर और मंत्री और दूसरी ओर, बाज़ार के जानकार जोरशोर से दावे कर रहे हैं कि अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार हो र
 
आनंद प्रधान के शिष्य
पसंद करें
0
नापसंद करें

किसे परहेज है अश्लील तनख्वाहों पर पाबंदी की मांग से?

आनंद प्रधान कारपोरेट मामलों के मंत्री सलमान खुर्शीद के इस बयान पर कारपोरेट जगत में हंगामा खड़ा हो गया है कि कम्पनियों को अपने आला अधिकारियों और मैनेजरों को ’’अश्लील’’ तनख्वाह देने से बचना चाहिए। श्री खुर्शीद का तर्क है कि जब सरकार बचत और सादगी पर जोर
 
आनंद प्रधान के शिष्य
पसंद करें
0
नापसंद करें

महंगाई के मुद्दे पर पानी सिर से गुजरने का इंतजार कर रही है सरकार ?

आनंद प्रधान ऐसा लगता है कि महंगाई यूपीए सरकार के नियंत्रण से बिल्कुल बाहर हो गयी है। अनाजों और आवश्यक वस्तुओं की आसमान छूती कीमतों से त्रस्त लोगों के लिए महंगाई के मोर्चे पर एक और बुरी खबर है। पहले से ही लगातार बढ़ती कीमतों के कारण लोगों का चैन छीन रही
 
आनंद प्रधान
पसंद करें
1
नापसंद करें

यह बजट किस आम आदमी का है?

आनंद प्रधान फरवरी में अंतरिम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा था कि मौजूदा असामान्य आर्थिक और वित्तीय परिस्थितियों से निपटने के लिए असामान्य उपायों की जरूरत हैं। लेकिन उस समय वित्त मंत्री ने संवैधानिक परम्पराओं और बाध्यताओं का उल्ले
 
आनंद प्रधान के शिष्य
पसंद करें
4
नापसंद करें

अर्थव्यवस्था की एक छोटी सी कहानी

एक बार की बात है एक आदमी गाँव में एक छोटी सी दुकान चलाता था. अपना खर्च चलाने लायक कमाई हो जाती थी, और कुछ बच भी जाता था. उसने अपने बेटे को शहर पढने भेजा. बड़ी मुश्किल से वह अपना पेट काट-काटकर बेटे की पढाई के लिये पैसे देता रहा. आखिरकार बेटे की पढाई खत
पसंद करें
3
नापसंद करें

सुपर अमीरों और सफल लोगों का अलगाववाद

आनंद प्रधान कौन कहता है कि दुनिया और उसके साथ भारतीय अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में है? चर्चित उद्योगपति अनिल अंबानी ने नए साल के तोहफे के बतौर अपनी पत्नी टीना अंबानी को लगभग 400 करोड़ रूपये की एक सुपर लग्ज़री नौका (याट) देने की घोषणा की है। याद रहे कि
 
आनंद प्रधान के शिष्य
पसंद करें
2
नापसंद करें

कारपोरेट पूंजीवाद की व्यवस्थागत बीमारी का नतीजा है सत्यम प्रकरण

आनंद प्रधान सत्यम प्रकरण उजागर होने के पचास दिन पूरे होने वाले हैं। अभी तक इस मामले में होता तो बहुत कुछ दिख रहा है लेकिन अभी भी भ्रम बरकरार है। ऐसे हालात में एक बार फिर से आनंद प्रधान द्वारा इस मसले पर लिखा गया लेख प्रासंगिक हो गया है। मंदी के दानव
 
आनंद प्रधान के शिष्य
पसंद करें
2
नापसंद करें

औसत दर्जे का अंतरिम बजट

आनंद प्रधान अपनी जिम्मेदारी से मुंह चुराने के लिए संविधान और परम्पराओं की आड़ लेने का इससे बड़ा उदाहरण शायद ही मिले। कामचलाऊ वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बजट भाषण में यह स्वीकार करते हुए भी कि मौजूदा असामान्य आर्थिक परिस्थितियों से निपटने के लिए असामा
 
आनंद प्रधान के शिष्य