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एकलव्य और अर्जुन

इस कहानी में तीन पात्र हैं।पहले हैं गुरु द्रोण (सुपरवाइसर)।दूसरा है अर्जुन।और तीसरा है एकलव्य।कुछ लोगों का मानना है कि एकलव्य अर्जुन से बेहतर धनुर्धर था। इस मान्यता को अभी के लिए ले कर आगे बढ़ते हैं। एकलव्य भी गुरु द्रोण का ही शिष्य था। उसने भी उनसे ही
 
स्पाईसीकार्टून
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सदैव सत्य नहीं जीतता है?अच्छे आदमी को क्यों कठिनाइयाँ आती हैं?

सच्चे व्यक्ति क्यों जीवन में कई बार असफल होते हैं? इस प्रश्न का उत्तर मैं सीधा नहीं देना चाहता। इसकी बजाय महाभारत में भीष्म पितामह का कुरुक्षेत्र में घायल होने का कारण बताना चाहता हूँ। भीष्म ने अपनी प्रतिज्ञा के भावार्थ पर जोर देने की बजाय शब्दों पर जोर
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सचिन-अर्जुन साथ-साथ खेलेंगे?

टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन, वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा सेंचुरी, टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक रन... ऐसे बहुत सारे रेकॉर्ड्स सचिन ते्डुलकर के नाम हैं। ऐसा लगता है कि रिटायरमेंट के समय तक तेंडुलकर के नाम इतने सारे रेकॉर्ड्स हो जाएंगे कि उन सभी को
 
प्रेमचंद्र गुप्ता
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मै अर्जुन नही हूँ

अर्जुन नहीं हूं मैंभेद ही नहीं सका कभीचिडिया की दाहिनी आंखकारणों की मत पूछियेअव्वल तो यहकि जान गया था पहले हीमिट्टी की चिडिया चाहे जितनी भेद लूंघूमती मछ्ली पर उठे धनुष सेछीन लिया जायेगा तूणीरफिर यह कि रुचा ही नहींचिडिया जैसी निरीह का शिकारभले मिट्टी का
 
अशोक कुमार पाण्डेय