हिंदी का उद्धार या हिंदी का मजाक ??
आजकल हिन्दी अकादमी,दिल्ली चर्चा में है. हिन्दी अकादमी, दिल्ली के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब केदारनाथ सिंह सहित कुल सात साहित्यकारों ने पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया। हिन्दी अकादमी की ओर से कृष्ण बलदेव वैद को शलाका सम्मान से वंचित रखने के मामले को
Mar 19 2010 11:31 AM



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