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पुराने पेड़ नहीं बचे तो नहीं बचेंगे देशी पंछी

मेरठ में पुराने दररख्तों की संख्या तेजी से कम होती जा रही है, जिससे कई देसी प्रजातियों को खतरा उत्पन्न हो गया है। कठफोड़वा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। इस चिडिय़ा को खाने और घर बनाने के लिए कम से कम 50 से 70 साल पुराने और मोटे पेड़ चाहिए। जिसके तने में
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कभी जंग ए आजादी देखी थी मैंने, आज हमवतनों ने आग लगा दिया

- मैं बूढ़ा नीम का पेड़ हूंमॉल रोड पर करीब दो सौ साल पुराने पेड़ में किसी ने आग लगा दी। शनिवार दोपहर बाद पेड़ गिर चुका था। वेस्ट यूपी मंे नीम के बूढ़े दरख्तों में जानबूझकर आग लगा दी जाती है। मेरठ में कभी जंग-ए-आजादी देखी थी मैंने। मॉल रोड पर फिरंगियों का
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आज की रिलीज़ फ़िल्में:राहत देंगी

                       जय श्री राम ............ | मित्रो,होली के रंग-ओ-गुलाल भरे मज़े के बाद आज हम फिर से मिल रहे हैं | कैसी रही आप की होली ? उम्मीद है कि इस होली पर ख़ुशियाँ आप की हो---ली |
 
डॉ.कुमार गणेश 369
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बात बशीर बद्र की --

तो राहत को ढूंढता फिरेगा बशीर बद्र आज के गालिब या नए जामाने के मीर 'बशीर बद्र' से बातचीत शुरू करते वक्त हमने शेरो-शायरी या उर्दू लिट्रेचर से बजाए एक अलग सवाल पूछा। अगर बशीर बद्र एक बार फिर 17 साल के हो जाएं, तो क्या करेगें ? एक पल गंवाए बगैर उन्होंने कहा
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खबरों की डुगडुगी

खबरों की डुगडुगीखबरिया जगत में कई कैरेक्‍टर होते हैं. खबरों को लेकर उनकी सोच एक खास किस्‍म की होती है.कई बार इन बडे लोगों का व्‍यक्तिव का असर उनके संस्‍थान पर भी दिखने लगाता है. यहां पेश की जा रही कहानी मीडिया की नई सोच रखने वाले एक ऐसे ही संपादक की
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