संबंधों की खुशबू अपनेपन से ही आती है.नर-नारी के संबंध विश्वास पर ही टिके हुए हैं.विश्वास होगा तो एक-दूसरे की रक्षा-सुरक्षा भी कर पाएँगे.प्रेम मेंशिकवे-शिकायत तो होती ही रहती है.आज ज़्ररूरत है एक-दूसरे को समझने की--विचारों का गगन,नयनों की आशा क्यों नहीं