पसंद करें
0
नापसंद करें

विचार जड़ता के खिलाफ जंग है- 2

विचार जितने छिपे हों, लेखक के लिए उतना अच्छा... इन्हीं दिनों एंगेल्स की पंक्ति- "विचार जितने छिपे हों, लेखक के लिए उतना ही अच्छा है"- ने मेरे विवेक को जागृत कर दिया। आज मैं कह सकने की स्थिति में हूं कि विचारधारा और सामाजिक यथार्थ का बेहतर समन्वय ही क
 
राजू रंजन
पसंद करें
0
नापसंद करें

विचार जड़ता के खिलाफ ज़ंग है- 3

विचार से हीन सूचना हमें भ्रष्ट बनाती है... आतंकवाद कोई नया शब्द नहीं है। आज जिसे हम स्वाधीनता आंदोलन के योद्धा के रूप में याद करते हैं, अंग्रेजी सरकार उन्हें आतंकवादी कहती थी। आजादी से पहले के किसान आंदोलनों को अंग्रेज अफसरों की भाषा में डकैती की संज
 
राजू रंजन
पसंद करें
0
नापसंद करें

विचार जड़ता के खिलाफ़ ज़ंग है- 1

मेरे वैचारिक गुरू... लेखन निरंतर चलने वाली प्रक्रिया का परिणाम है। लेखन की शुरुआत कब और कैसे की, का उत्तर देने के लिए बचपन के उन दिनों की याद को ताजा करना होगा, जब एक लेखक मन का जन्म हो रहा था। मोटे तौर पर मैं तेज विद्यार्थी नहीं था, लेकिन मेरे चाचा
 
राजू रंजन