मेरे मन की
कुछ दिनों पहले मैंने दिलीप की नन्ही परी के सवाल का जबाब मांगा था मेरी इस पोस्ट में ---------- आज दीपक " मशाल " की भेजी इस कविता के द्वारा एक अजन्मी बच्ची के दर्द को आवाज देने की कोशीश की है ---------------------.दो तरह से प्रयास किया है
May 31 2010 04:24 PM



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