पसंद करें
0
नापसंद करें

"दुआ"

वक्त के चलने का सारा खेल है, जब ज़िन्दगी ,कैसे हो सकता है भला, खुशिया हों पर गम न हो,ज्यादा क्या मांगू मैं  तुझसे, तूने ख़ुदा सब है दियाइतना कर एहसान
 
Yogesh Sharma
टैग: "दुआ"