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भोपाल के हसन,अब्दुल,ज़ाकिर,करीम,सोहन,राम,मीना,सन्जू,मन्जू, को क्या कहोगे बाल दिवस पर ?

तस्वीर फ़िरदौस खान के ब्लाग से साभार बुआ वाला भोपाल तब से अब तक बीमार हैं ..... आखिरी सांस का इन्तज़ार करती बुआ अभी भी तीन दिसम्बर चौरासी से अब तक ज़िन्दा है उनके साथ ज़िंदा हैं अब तक सवाल जो व्यवस्था,कानून,न्याय और व्यापार के अगुओं से पूछे जाने हैं. उनकी
 
गिरीश बिल्लोरे
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क्या पीड़ितों को न्याय मिलेगा

भोपाल को लेकर कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। पच्चीस साल बाद एक निर्णय आने के बाद दोषी कौन की तर्ज पर बयानों का ढेर लग गया है। पच्चीस वर्षों से खामोश बैठे कई तथाकथित ईमानदार अधिकारियों में भी सहसा साहस का संचार हो गया। शायद सेवा निवृत्ति के बाद अब उन्हें
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ज्वलंत सवाल: क्या भोपाल त्रासदी मसले पर कौंग्रेस ने देश को धोखा दिया है-आपकी क्या राय है ?

ब्लॉगबाणी पढने वाले पाठक एवं ब्लॉगर मित्रों, आपसे एक सवाल: देश, काल और परिस्थितियों में घटनाएं और दुर्घटनाये एक अलग विषय है, जिन पर अलग से बहस चल ही रही है, लेकिन भोपाल त्रासदी पर हाल के न्यायिक फैसले के बाद जो बाते एन्डरसन के मामले में सामने आयी है,
 
पी.सी.गोदियाल
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भोपाल मुद्दे से भटकाव..

 अब भी शायद हमारे में से बहुत सारे लोग इतना भी नहीं समझ पायेंगें कि इस देश में कैसे विचार करने योग्य मुद्दों को  घटिया राजनीति में फंसा कर उसको मूल मुद्दे से भटका दिया जाता है. भोपाल कांड में जिस तरह से अब राजनीति ने सामने आकर असली मुद्दे को
 
डा०आशुतोष शुक्ल