दिल्ली में रात-दिन की ऑडियो डायरी

अनामदास का चिट्ठा चौकीदार की लाठी की ठक-ठक और सीटी की गूँज. बेमतलब की वफ़ादारी निभाते आवारा कुत्तों का कोरस. चर्र चूँ...ऊपर की मंज़िल पर खुला या बंद हुआ दरवाज़ा. बहुत रात हो गई अब सो जाना चाहिए. गाड़ी रुकी है मेन गेट पर, कोई कॉल सेंटर वाला आ या जा रहा होगा. पीएसपीओ वा... [पूरी पोस्ट]
writer अनामदास
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[09 Nov 2008 20:20 PM]

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