LOVE STORY # 486: वह पृथ्वी की तरह निर्वासित है. वह शहर की तरह शरणार्थी नहीं.
वह निर्वासित है . नियति से . भाग्य से . सामान्य से . साधारण से . चीथड़ा सुख और टुच्ची सुविधा से . कुनबा परस्ती से . दुनियादारी से . अदालत में न्याय से . भीड़ के कोहराम से . धनुष की तरह तने हुए राग से निर्वासित अस्थमा की सांस में . वह निर्वासित है अपन...
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आस्तीन का अजगर
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[24 Oct 2008 00:40 AM]



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